Skip to main content

Sadhu

एक साधू शमशान में दो चिताओ की राख को बड़े ध्यान से देख रहा था।

एक आदमी ने पूछा : बाबा एसे क्यू देख रहे हो राख को ।

साधू : ये एक अमीर की लाश की राख है जिसने ज़िंदगी भर काजू बादाम खाये

और

ये एक ग़रीब की लाश है जिसे दो वक़्त की रोटी भी बडी मुश्किल से मिलती थी ,

मगर इन दोनों की राख एक सी ही है फिर किस चीज़ पर आदमी को घमंड है वही देख रहा हूं।

Comments

READ MORE ARTICLES

Show more